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Sunday, December 8, 2013

Mai haari par prem jeet gaya मैं हारी - पर मेरा प्रेम जीत गया


हार और जीत के माइने सबके लिए अलग अलग होते है कोई हार कर भी जीत का सुखद अनुभव प्राप्त कर लेता है,,
कोई जीत कर भी कभी -कभी प्रश्नचिन्ह सा रह जाता है,,,
पर प्रेम में प्रेम के लिए हारना कितना सुखद अनुभव देता है
अपने प्रेम को जीत कि ख़ुशी में आनंदित देख मेरा समर्पण कितना तृप्त हो जाता है ..
प्रेम कि ख़ुशी और मन कि तृप्ति के लिए ये हार मुझे तो हार सी नहीं लगती....
लो आज फिर हार गई मैं
" मैं हारी - पर मेरा प्रेम जीत गया "
हारकर भी जीत का सुखद अनुभव
आहा || मन कितना तृप्त हो गया 
         हाँ यही तो प्रेम है.....
ये मेरा अलग सा प्रेम अहसास है..
इसलिए तो जरा खास है........
सुखद हार जीत के बाद अब कुछ मीठा हो जाये....
:-)

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