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Monday, October 13, 2014

kya hai astitv mera क्या है अस्तित्व मेरा


क्या है अस्तित्व मेरा
मैं स्त्री , मैं माँ, मैं बेटी, मैं बहन
मैं ही हूँ घर संसार
शुभ-लाभ मुझसे ही है
मुझसे ही बंधे सब परिवार
फिर क्युँ, क्युँ ??
बांध दिया जाता है मुझे 
स्त्रीलिंग की परिभाषा से
रोक दिए जाते हैं कदम मेरे
सीमाओं , हदों , दायरों के भीतर
क्यों मैं अपनी मर्जी की नहीं 
क्युँ तुमने झोंक दिया मेरा चेहरा
तुम्हारे इजहार पर 
मैंने इंकार कर दिया था
क्या इसलिए ??
क्या मेरी कोई पसंद नहीं
मैं तुम्हें पसंद थी पर 
ये जरुरी तो नहीं था न
की तुम भी मुझे पसंद ही आते
जरा सी बात पर
जल दिया मेरा चेहरा 
अपने झूठे घमंड की क्रोधाग्नि में ....
जब थोड़ा सजना सँवरना चाहा
तो क्युँ नहीं दिखाई दी तुम्हें
स्त्रीमन की कोमल भावनाएँ..
तुमने देखा केवल 
एक सजा- धजा शरीर
और जाग गया तुम्हारे 
अंदर का वो भूखा भेड़ियां
और कर दिया तुमने 
नारी अस्मत को तार-तार
करते हो पूजन
नौ दुर्गा नौ दिन
करते हो लक्ष्मी का 
नित स्मरण
फिर क्युँ करते हो 
देवियों के प्रतिरूपी स्त्रियों पर 
यूँ अत्याचार.....
हे पुरुष...








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