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मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012

Sahara Nahi Sath Dene Aaya Hun सहारा नहीं मै साथ देने आया हूँ..


सहारा नहीं मै साथ देने आया हूँ.....
तेरे गम को भुला दूँ....
ये नहीं कह सकता
हाँ तेरा गम बांटने आया हूँ.....

रिश्ते तो बहुत निभाए है तुने
मै अपनी दोस्ती निभाने आया हूँ......

खुबसूरत नजारों की  बात नहीं करता मैं 
पर मैं अपनी नजरों से तुझे दुनिया दिखने आया हूँ....

शोहरत देने की हैसियत नहीं है मेरी
पर मै तुझे खुशियाँ देने आया हूँ.....

मंजिल तक पहुँचा दूंगा ये नहीं जानता 
हाँ पर तेरे - मेरे मंजिल को एक करने आया हूँ.......

आशियाना तो नहीं बना सकता मै
हाँ पर तुझे एक प्यारभरा घर देने आया हूँ.....

रंग कितने ला पाऊंगा
तेरे जीवन में इसका तो पता नहीं
हाँ पर सिंदूरी रंग में तुझे रंगने आया हूँ......

कितने चाँद -तारे सजा पाउँगा
तेरे दामन में ये खुदा ही जाने
पर मै तेरे दामन को खुशियों से भरने आया हूँ....

झूठे वादे नहीं करता मै
पर मै तुझे अपना बनाने आया हूँ...
सहारा नहीं मै साथ देने आया हूँ...

मंगलवार, 2 अक्टूबर 2012

Ahsas अहसास ...


दर्द 
दर्द जब गहराता है
उदासी जब आती है
जब कोई साथ नहीं निभाता
जब किसी का साथ नहीं भाता
अश्रु ही भाता है
अश्रु ही साथ निभाता है
बहता है आँखों से 
सारे दर्द बहा ले जाता है
मन खाली सा
हल्का - सा हो जाता है
दर्द जब गहराता है..



सपने
नाहक सपने आते है
आँखों में बसते है
समाते है
दर्द देते है

सुकून ले जाते है
पुरे नहीं होते
टूट जाते है
तो क्यूँ ये सपने आते है...





अहसास
अहसास प्यार लाता है
प्यार खुशियाँ लाता है
खुशियाँ थोड़े गम भी साथ ले आता है
गम बेचैनी लाता है
बेचैनी तड़प ले आता है
तड़प दर्द ले आती है
दर्द दिल को पिघलाता है
पिघला दर्द आँखों से बहता है
जो आँसू कहलाता है
आँसू तब तक ना थमते है
जब तक तू ना आता है
जब तू आता है
मेरा अहसास तेरे
प्यार में खो जाता है
और तेरा प्यार मुझे
मेरी ख़ुशी का अहसास दिलाता है...






शुक्रवार, 21 सितंबर 2012

Sawal सवाल




कितने सवाल थे तुम्हारे 
एक मैं ही क्यूँ 
और भी तो कई है इस जहाँ में
क्यूँ चुना है तुमने मुझे
अपने लिए बताओ ना ???

अब क्या कहूँ 
क्यूँ चुना है तुम्हें
क्यूँ चाहा है तुम्हें...
तुम्हारा ये पागलपन...
बार -बार ये सवाल पूछना 
मेरी आवाज से ही 
तुम्हारा पहचान लेना
की, क्या है मेरे मन में 
बस
और कुछ पूछना है तो
मुझसे नहीं मेरी आँखों से पूछो
जो कुछ किया है उसने किया है
तुम्हें देखकर पलकें छपकने 
को तैयार ही ना था.
एक भी पल ना गवाँकर
भर लिया तुम्हें अपनी आँखों में 

मुझसे नहीं मेरे दिल से पूछो 
जो तुम्हें देखकर जोर - जोर से
धड़कने लगा,,
कितना समझाया इसे फिर भी
तुम्हें बसा लिया अपने दिल में 
और देखो तुम इस दिल की 
धड़कन बन गए...

मुझसे नहीं मेरे मन से पूछो 
जो तुम्हें ही सोचता रहता था
इस मन ने तो और भी 
आदत ख़राब कर दी थी मेरी...

मुझसे नहीं मेरे ख्वाबों से पूछो 
जिसमे रोज तुम्हारा 
आना जाना था..

मुझसे नहीं मेरी बेचैनियों से पूछो
जो तुम्हें एक नजरभर 
देख लेने को बेताब था...
उफ्फ्फ ||||
कितने सवाल है तुम्हारे..

दे दिए जवाब
तुम्हारे सवालों के...
अब ना पूछना कभी..
की क्यूँ चाहा है तुम्हें..
क्यूँ बनाया है तुम्हें अपना...





रविवार, 16 सितंबर 2012

Mera Raaz **** मेरा राज ****


जीवन की कई बातें 
कुछ अपनी , कुछ दुनिया की
कुछ पूरी , कुछ अधूरी
ये सारी बातें मेरी डायरी में बंद
जो ना कह पाती हूँ किसी से
वो कहती हूँ  सिर्फ तुमसे
मेरी डायरी,,,
मेरे जीवन का राज हो तुम
छुपाकर रखना अपनी आगोश में
मेरे जज्बात को
मेरी पीर को मेरे भाव को
कहीं कोई देख ना ले तुम्हें 
जान ना जाए की मै क्या हूँ
हँसती तो हूँ पर आँखों में सैलाब लिए
होंठो पर मुस्कान है
पर दर्दभरी जुबान है
मैं हूँ एक खामोश लहर
जो उठना चाहती हूँ ऊँचा
ऊँचा और ऊँचा 
इक्षाओं की गठरी बांध के
ख्वाइशों को थैले में भर के
सौंप दिया है तुम्हें
जरा संभल के रहना
कभी किसी के हाँथ ना आना
कोई मनचला ना देख ले तुझको
खोजते - खोजते ना पा जाए मुझको 
खेले मेरी पीर के साथ
भावनाओं की हँसी उड़ाए
तब क्या होगा जब मेरी 
खामोश भावनाएँ
उसके शोर में गुम हो जाएगी 
ना - ना - ना 
ऐसा नहीं होना चाहिए 
मेरी डायरी,,,
तुम मुझे भर लो खुद में 
और आओ मैं तुम्हें 
छुपा दूँ कहीं ।।।।






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