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Tuesday, January 29, 2013

Tere aane se तेरे आने से



तेरे आने से रोशन मेरा जहाँ हो गया
तेरे प्यार से महकता आशियाँ हो गया .....
तेरी आदाएं कोमल तितली सी है
तेरे आने से मेरा जीवन गुलिस्ताँ हो गया....

रंग इतने लाई है तू जीवन में मेरे
की अब हर शमाँ रंगीन हो गया ....
सादगी तेरे व्यवहार की ऐसी मनमोहक है
की मै तो तुझमे ही खो गया .....

यूँ शुभ कदमों से तू मेरे घर आई है
की मेरा घर , अब घर नहीं जन्नत हो गया .....
भोर की पहली किरण के साथ ही 
तेरा मधुर आवाज में कृष्ण को पुकारना
मेरा मंदिर , मंदिर नहीं गोकुलधाम हो गया ......

हे प्रिय, हे गंगा, हे तुलसी, हे लक्ष्मी
और किस - किस नाम से पुकारूँ मै तुझे
तेरी भोली सीरत पर मै तो  फ़ना हो गया...
तेरे आने से रोशन मेरा जहाँ हो गया
तेरे प्यार से महकता आशियाँ हो गया .....

42 comments:

  1. खूबसूरत और बेहद कोमल अहसास .. बधाई रीना जी

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  2. वाह: बहुत ही सुन्दर रचना..

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  3. नारी के अहमियत को चार चाँद लगाती सुन्दर अभिव्यक्ति।

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  4. आहा .. आनंद आ गया ????

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  5. सादगी तेरे व्यवहार की ऐसी मनमोहक है
    की मै तो तुझमे ही खो गया ....
    सादगी और प्रेम से परिपूर्ण प्यारी सी रचना...

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  6. बहुत बढ़िया-
    तारीफ़ के मधुर स्वर
    आदरेया-आभार

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  7. बहुत ही बढ़िया


    सादर

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  8. हे प्रिय, हे गंगा, हे तुलसी, हे लक्ष्मी
    और किस - किस नाम से पुकारूँ मै तुझे
    तेरी भोली सीरत पर मै तो फ़ना हो गया...

    भावपूर्ण लाजबाब पन्तियाँ,,,,वाह वाह ,,,रीना जी बधाई,,,
    recent post: कैसा,यह गणतंत्र हमारा,

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  9. बहुत प्यारी अभिव्यक्ति रीना....
    मन प्रसन्न हुआ पढ़ कर...
    सस्नेह
    अनु

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  10. वाह...बहुत प्यारा गीत...आशियाँ यूँ ही महकता रहेः)

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  11. किसी का जिंदगी में इस तरह से आना कितना अच्छा लगता है ...
    सुन्दर रचना !

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  12. बहुत ही प्यारा गीत**^^**यूँ शुभ कदमों से तू मेरे घर आई है
    की मेरा घर , अब घर नहीं जन्नत हो गया .....
    भोर की पहली किरण के साथ ही
    तेरा मधुर आवाज में कृष्ण को पुकारना
    मेरा मंदिर , मंदिर नहीं गोकुलधाम हो गया ......

    हे प्रिय, हे गंगा, हे तुलसी, हे लक्ष्मी
    और किस - किस नाम से पुकारूँ मै तुझे
    तेरी भोली सीरत पर मै तो फ़ना हो गया...
    तेरे आने से रोशन मेरा जहाँ हो गया
    तेरे प्यार से महकता आशियाँ हो गया .....
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  13. बीटिंग द रिट्रीट ऑन ब्लॉग बुलेटिन आज दिल्ली के विजय चौक पर हुये 'बीटिंग द रिट्रीट' के साथ ही इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन हो गया ! आज की 'बीटिंग द रिट्रीट' ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  14. आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (30-01-13) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
    सूचनार्थ |

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  15. यूँ शुभ कदमों से तू मेरे घर आई है
    की मेरा घर , अब घर नहीं जन्नत हो गया .....
    भोर की पहली किरण के साथ ही
    तेरा मधुर आवाज में कृष्ण को पुकारना
    मेरा मंदिर , मंदिर नहीं गोकुलधाम हो गया ......

    बहुत ही खुबसूरत भाव अद्भुत निःशब्द करती .

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  16. खूबसूरत एहसास लिए सुंदर रचना

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  17. बहुत ही सुन्दर रचना....

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  18. प्यार के एहसास की सुन्दर अभिव्यक्ति.

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  19. Pyar ke ehsaaso ko sundar shabdo me vyakt kiya hai apne...

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  20. बेहद खूबसूरत एहसास रीना जी

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  21. तेरे आने से रोशन मेरा जहाँ हो गया
    तेरे प्यार से महकता आशियाँ हो गया .....
    तेरी आदाएं कोमल तितली सी है
    तेरे आने से मेरा जीवन गुलिस्ताँ हो गया

    सुन्दर अभिव्यक्ति.

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  22. मन मोहती है कवि‍ता...

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  23. यूँ शुभ कदमों से तू मेरे घर आई है
    कि मेरा घर , अब घर नहीं जन्नत हो गया .....
    भोर की पहली किरण के साथ ही
    तेरा मधुर आवाज में कृष्ण को पुकारना
    मेरा मंदिर , मंदिर नहीं गोकुलधाम हो गया .

    भावविभोर करती रचना।

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  24. प्रभावशाली ,
    जारी रहें।

    शुभकामना !!!

    आर्यावर्त
    आर्यावर्त में समाचार और आलेख प्रकाशन के लिए सीधे संपादक को editor.aaryaavart@gmail.com पर मेल करें।

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  25. यूँ शुभ कदमों से तू मेरे घर आई है
    की मेरा घर , अब घर नहीं जन्नत हो गया .....
    भोर की पहली किरण के साथ ही
    तेरा मधुर आवाज में कृष्ण को पुकारना
    मेरा मंदिर , मंदिर नहीं गोकुलधाम हो गया ......

    ....बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना...

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  26. बहुत ही अच्छी कविता रीना जी आभार |

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  27. यूँ शुभ कदमों से तू मेरे घर आई है
    कि मेरा घर , अब घर नहीं जन्नत हो गया .....
    भोर की पहली किरण के साथ ही
    तेरा मधुर आवाज में कृष्ण को पुकारना
    मेरा मंदिर , मंदिर नहीं गोकुलधाम हो गया .
    भावमय करते शब्‍द ....

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  28. किसी औरत के लिए इतने खूबसूरत एहसास ...?
    खुशनसीब होगी कोई ...:))

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  29. बहुत प्यारी रचना. किसी पुरुष के लिए उसकी पत्नी मायने रखती है यह बहुत बड़ी बात है. शुभकामनाएँ.

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  30. वाह जी बढ़िया मनोभाव उकेरे हैं आपने

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  31. सुन्दर रचना
    http://voice-brijesh.blogspot.com

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  32. प्रेम की मीठी फुहार लिए ... अनुपम भाव लिए ...

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  33. . बहुत उम्दा,सुन्दर प्रस्तुति . हार्दिक आभार आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये .......

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  34. रंग इतने लाई है तू जीवन में मेरे
    की अब हर शमाँ रंगीन हो गया ....
    सादगी तेरे व्यवहार की ऐसी मनमोहक है
    की मै तो तुझमे ही खो गया .....bahut sunder badhai aapko

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  35. रीना मौर्या जी ....बहुत ही सुन्दर रचना इस रचना को हमारा हरयाणा पर पोस्ट किया गया है

    -- संजय भास्कर

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