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गुरुवार, 6 सितंबर 2012

Kyunki Tum Adhure Ho क्यूँकी तुम अधूरे हो...



क्यूँकी तुम अधूरे हो...
जिस तरह मेरी खुशी से
तुम्हें खुशी होती है
उसी तरह तुम्हारी खुशी से
मुझे खुशी होती है
तुम्हारे ही कहने पर 
मैंने अपनी दुनिया बसा ली
फिर क्यूँ नहीं तुम मेरे
कहने पर अपनी दूनिया बसाते हो...
मैंने तुम्हे खुशी तो दे दी
पर मेरी खुशी का क्या
और जब मै ही खुश नहीं
तो तुम किस बात पर खुश हो
मुझे दुखीकर खुश हो
बताओ ना...
किस गलतफहमी में खुश हो तुम
चाहे जो भी हो 
ये जान लो तुम
मेरे दुःख की सबसे 
बड़ी वजह तुम हो
क्यूँकी तुम अधूरे हो
अकेले हो
समझे...


35 टिप्‍पणियां:

  1. ये जान लो तुम
    मेरे दुःख की सबसे
    बड़ी वजह तुम हो
    क्यूँकी तुम अधूरे हो
    अकेले हो
    समझे...

    समर्पण भाव से भरी सुन्दर रचना... शुभकामनायें

    जवाब देंहटाएं
  2. सुंदर भाव...सुंदर अभिव्यक्ति !!

    जवाब देंहटाएं
  3. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

    जवाब देंहटाएं
  4. भावविभोर करती आपकी ये रचना रीना जी

    जवाब देंहटाएं
  5. आप अपनी दुनिया बसाकर भी दुखी हैं। वह अपनी दुनिया बसाए बग़ैर ही खुश है। उसने आपके बग़ैर भी खुश रहना सीख लिया। आप उसके होते भी अपनी दुनिया में खुश नहीं हैं। दोनों के भीतर प्रेम है भी और नहीं भी।

    जवाब देंहटाएं
  6. कुछ बंदिशे है जो प्रेम को दूर कर देती है
    पर प्रेम तो दोनों के दिल में होता है..
    इसलिए दोनों दूर रहकर भी एक-दूजे की ख़ुशी
    चाहते है...
    :-)

    जवाब देंहटाएं
  7. लगता दोनों दुखी है,छूट गया है साथ
    सुखी देखना चाहते,मान लो मेरी बात,,,,,

    बहुत बढ़िया प्रस्तुति,,,,,रीना जी,,,,
    RECENT POST,तुम जो मुस्करा दो,

    जवाब देंहटाएं
  8. तुम्हारे कहने पर
    मैंने अपनी दुनिया बसा ली
    फिर क्यों....
    किस ग़लतफ़हमी में खुश हो तुम......
    ........................................................
    बड़ा अजीब इत्तेफाक है भाई
    प्यार में कहाँ अलग से दुनिया बसती है ?
    और इस ग़लतफ़हमी में कौन खुश रहता है ?
    ............................................
    रचना सुन्दर...अति सुन्दर
    पर मै इसे फिर से समझना चाहता हूँ..........

    जवाब देंहटाएं
  9. कुछ बंदिशे है जो प्रेम को दूर कर देती है
    पर प्रेम तो दोनों के दिल में होता है..
    इसलिए दोनों दूर रहकर भी एक-दूजे की ख़ुशी
    चाहते है...
    एक दूजे की ख़ुशी के लिए.
    एक-दूजे से ही लड़ते है..
    सिंपल
    दिल की बात दिल से समझिये...
    :-) :-) :-) :-) :-)

    जवाब देंहटाएं
  10. किस गलतफहमी में खुश हो तुम
    चाहे जो भी हो
    ये जान लो तुम
    मेरे दुःख की सबसे
    बड़ी वजह तुम हो
    क्यूँकी तुम अधूरे हो
    अकेले हो
    समझे...

    ये बानगी ये दीवानगी क्यूँ है ? ये दर्द का एहसास क्यूँ है ? जब है समझने की बारी , तो ये झिझक क्यूँ है?

    जवाब देंहटाएं
  11. सुन्दर भावाभिव्यक्ति के साथ सन्दर रचना |

    जवाब देंहटाएं
  12. अपनी हर ख़ुशी हमको अकेली ही लगा करती
    तुम्हार साथ जब होगा नजारा ही नया होगा

    आपकी कविता में भावों की गहनता व प्रवाह के साथ भाषा का सौन्दर्य भी अपनी दिव्य रूप में उपस्थित है !

    जवाब देंहटाएं
  13. आक्रोश की अभिव्यक्ति ... अधूरेपन की त्रासदी को झेलते हुवे ...
    अच्छी रचना है ...

    जवाब देंहटाएं


  14. ak aisi rachana hai jahan gahan prem spasht dikhai de rha hai ....pr adhura hai ,,,,ak tadap ak jhijhak ak khamoshi ak dayara ....bahar udane ki chahat pr dayare aade aa jate hain aur fir vahi kadvi sachhai samane aa jati hai
    जहर पिया है यहाँ हर शख्स ने मजबूरी का |
    कोई शुकरात की तरह तो कोई शंकर बनकर ||

    apki rachana prem ki khuli kitab hai en rachanao ko likhana chahiye hr vykti ke jeevan ki mahtvpoorn saty hain lekin eske sath sath ye bhi saty hi hai reena ji
    इस जहाँ में आग को भी फख्र हो जाता है तब.|
    हस के परवाना कोई बेफिक्र होजलता है जब||
    ये शहर है आशिको का सोच के चलना जरा |
    शोलो की दहशत से देखो वो भला डरता है कब

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपने मेरी रचना के मर्म को
      बखूबी पहचाना है...
      धन्यवाद...
      ब्लॉग पर आपका स्वागत है...
      आते रहिये.....
      :-)

      हटाएं
  15. bahut khoob rachna ji.... khushi tum dukh bhi tum...tum hum. hum tum..

    जवाब देंहटाएं
  16. आजकल ब्लोगिंग से दूर हूँ.लेकिन वक्त निकालकर आपका कलम पढने आ ही जाता हूँ.

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद...
      ऐसे ही समय निकालकर याद कीजिये..
      और ब्लॉग पर आते रहिये...
      आपका स्वागत है.....
      :-):-) :-) :-) :-) :-)

      हटाएं
  17. सुख-दुख की तस्वीर उकेरती अच्छी कविता।

    जवाब देंहटाएं
  18. अधूरेपन को पूरा करती रचना ....बहुत खूब

    जवाब देंहटाएं
  19. आपके पोस्ट पर आना सार्थक हुआ। रचना काफी अच्छी लगी ।धन्यवाद।

    जवाब देंहटाएं
  20. प्यार को एक दूजे की ख़ुशी में हम जी सकते हैं ... दूर रहकर ही सही

    जवाब देंहटाएं
  21. अंतर्मन के भावों को रेखांकित करता सुंदर व कोमल चित्र....

    जवाब देंहटाएं
  22. _____________@@__@_@@@_____
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    From India

    जवाब देंहटाएं
  23. i hav only one word ....................................excellent...excellent

    जवाब देंहटाएं
  24. भाव पूर्ण सुन्दर अभिव्यक्ति..

    जवाब देंहटाएं

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