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गुरुवार, 6 मार्च 2014

mata- pita माता- पिता

हाइकू 


नौ महीने से 
सींचा कोख मे माँ ने 
राजकुमारी


हाथ थामती
हर संकट , दुःख 
हर लेती माँ


त्याग कि देवी
ममता कि छाँव माँ
प्रेम लुटाती


बरगद सा
उंगलियाँ थामे वो
पिता है खड़ा 

कठोर बन 
देता हिम्मत पिता
मार्ग दिखाता 

माता कि डांट
पिता कि फटकार 
जीना सफल


कंधा पापा का
बैठकर घूमती 
देखती जग


उंगली थामे 
चलना सिखा मैंने
माता - पिता से 

20 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुन्दर और सार्थक हाइकू।

    जवाब देंहटाएं
  2. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (07.03.2014) को "साधना का उत्तंग शिखर (चर्चा अंक-१५४४)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें, वहाँ आपका स्वागत है, धन्यबाद।

    जवाब देंहटाएं
  3. Ashok Saluja has left a new comment on your post "mata- pita माता- पिता":

    एक बेटी का माँ-बाप के प्रति स्नेह दर्शाते खुबसूरत हाइकु.....
    शुभकामनायें!

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर और सार्थक हाइकु...

    जवाब देंहटाएं
  5. सुन्दर और सार्थक हायकू...

    सस्नेह
    अनु

    जवाब देंहटाएं
  6. धऱती और आकाश ,
    सिर उठाए खड़ी हूं जो ,
    बस एक विश्वास .

    जवाब देंहटाएं
  7. खूबसूरत पंक्तियां.......रीना जी।

    जवाब देंहटाएं
  8. माता-पिता पर केंद्रित बहुत सुंदर हाइकु.. माता-पिता ही जीवन का मार्ग दिखलाते हैं…

    जवाब देंहटाएं
  9. बेटी द्वारा माँ पिता को सामर्पित ... सुन्दर भावमय हाइकू ...

    जवाब देंहटाएं
  10. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  11. बेहद खूबसूरत एंव प्रभावी

    जवाब देंहटाएं

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