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Saturday, December 22, 2012

Ek Boond Ishq एक बूंद इश्क



होंठो की खामोशी ने पलकों के 
भीतर आँखों के कोर में 
एक बूंद इश्क बना दिया .....
आँखों को ठंडक देते उस 
एक बूंद इश्क ने सब कुछ 
धुंधला सा कर दिया .....
उस धुंधलपन को साफ करने के लिए 
जैसे ही पलकें झपकाई ...
वो एक बूंद इश्क आँखों से बहकर 
गालों पर से ढुलकते हुए 
धीरे से ना जाने कहाँ खो गया.......
जहाँ से वो एक बूंद इश्क गुजरा
वहां अब सिर्फ एक गीलेपन की रेखा है
कुछ वक्त में वो भी सुख जाएगी...
फिर उदास चेहरे ......
बुझे मन....
ठंडी आँखोंवाले चेहरे पर रह जाएगी
एक दिखावटी मुस्कान.....
अपने अपनों के लिए....
और मन में एक आस...
प्रेमसागर को पाने की...



42 comments:

  1. prem ke dard ko bharna aasan nahi hai............bahut hi pyari rachna

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  2. सुंदर अभिव्यक्ति .......

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..!
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (23-12-2012) के चर्चा मंच-1102 (महिला पर प्रभुत्व कायम) पर भी की गई है!
    सूचनार्थ!

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  4. खूबसूरत जज्बातों की अभिव्यक्ति , यूं ही लिखती रहे बधाई

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  5. "एक बूंद इश्क" - गजब

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  6. अश्क आँखों में, जुबां पे एक कहानी दे गया
    मुख़्तसर यह है वो मेरी जिंदगानी ले गया ....दिल को छू गई आपके अश्कों की दास्ताँ.

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  7. भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.....

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  8. बहुत ही बढ़िया


    सादर

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  9. हृदय की तीस दर्शाती ...सुंदर अभिव्यक्ति ....शुभकामनायें ...

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  10. वाह,,,इश्क और वो भी एक बूँद,,,सुंदर सृजन,,,,

    recent post : समाधान समस्याओं का,

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  11. एक बूंद इश्क आँखों से बहकर गालों पर से ढुलकते हुए भी प्रेमसागर की आस दे गया ... सुन्दर अभिव्यक्ति

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  12. इश्क की एक बूँद स्नेह की हजारों बूंदों से बनती है..ये बहुत कम लोग जान पाते हैं. सुन्दर रचना.

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  13. इश्‍क की बूद को तो पाने को उसी प्रकार इन्‍तजार करना पडतत है जैसे चकोर बरसात का

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  14. फिर उदास चेहरे ......
    बुझे मन....
    ठंडी आँखोंवाले चेहरे पर रह जाएगी
    एक दिखावटी मुस्कान.....
    अपने अपनों के लिए....
    और मन में एक आस...
    प्रेमसागर को पाने की...

    जीवन जीने की उत्कट अभिलाषा

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  15. प्रेम का एक कतरा भी जीवन की आस बनता है.

    सुन्दर अभिव्यक्ति.

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  16. दर्द की अभिव्यक्ति

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  17. प्रेम करुणा के रूप में बहता हुवा ...
    बहुत ही लाजवाब अभिव्यक्ति ...

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  18. एक बूंद इश्क का !
    बहुत खूब, सुंदर भाव !

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  19. वाह . बहुत उम्दा,सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति .

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  20. इक बूंद इश्‍क .. इसके अतिरिक्‍त भी अन्‍य भावपूर्ण शब्‍दों का युग्‍म .. सचमुच नई कविता क्रांति का युग है, कविताओं में छुपे गूढार्थों को महसूसना.
    आरंभ : चोर ले मोटरा उतियइल

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  21. बहुत भावपूर्ण प्रभावी रचना..

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  22. bahut hi behtreen lagi yah rachna ....aapki reena ji

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  23. Bahut umda aur sarthak Rachna ....
    http://ehsaasmere.blogspot.in/

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  24. बहुत सुन्दर प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट आपका आमंत्रण है। धन्यवाद।

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  25. sache pyar ke ehsas ki eh bund hi kafi hoti hai. or ye bund hi ishq ke sagar me mil jati hai or mil jati hai nayi raah.

    meri nayi past isi raah ko batati hai



    मिली नई राह !!

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  26. मन में यदि आर्द्रता हो तो बाहर का सूरज भी गरमी देता नहीं दिखता है।

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  27. bahut sundar avm prabhavshali rachana ...abhar reena ji

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  28. "क्या गुजरी है,ये ना बताएँगे कभी..बस इतना जान लीजिए कि दो-बूँद,घर करके बैठे हैं पलकों पर"
    उम्दा रचना...बहुत खूब..|

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  29. और वो एक बूंद ह्रदय की वेदना बन कर गाल तक आती है तो कविता बन जाती है

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  30. रीना जी आपको नव वर्ष की बहुत सारी शुभकामनायें.

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  31. सुंदर रचना...बधाई।।।

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  32. ठंडी आँखोंवाले चेहरे पर रह जाएगी
    एक दिखावटी मुस्कान.....
    अपने अपनों के लिए....
    और मन में एक आस...
    प्रेमसागर को पाने की...

    सुंदर प्रस्तुति।।।
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।।।

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  33. सार्थक पोस्ट
    आपको नव वर्ष की बहुत सारी शुभकामनायें.

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  34. वहां अब सिर्फ एक गीलेपन की रेखा है
    कुछ वक्त में वो भी सुख जाएगी...सूख जाएगी
    फिर उदास चेहरे ......
    बुझे मन....

    सुन्दरम ! मनोहरम।

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  35. बहुत सुंदर प्रस्तुति

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  36. लेखनी का जवाब नहीं ...

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  37. आपकी इस रचना को हमारा हरयाणा ब्लॉग पर साँझा किया गया है

    संजय भास्कर
    http://bloggersofharyana.blogspot.in

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