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शनिवार, 12 अक्टूबर 2013

Dil se dil tak ... दिल से दिल तक ...


खामोश मेरी आँखों के 
झलकते गीतों को .......
तुमने शब्दों से भर दिया 
तुमसे बड़ा कवि
मेरे लिए और कहाँ.....


आदत नहीं है मुझे तेरी 
तुम इबादत बन गए हो मेरी ....
आदत तो बनती बिगड़ती है
पर इबादत की हर दुआ
में अब तुम्हारा नाम आता है......
मुझे मेरे महबूब में
अब खुदा नजर आता है.....


मेरे अश्क अश्क में प्यार है तेरा,,
बूंद बूंद में इकरार है तेरा .....
मेरी हर सिसकियों में,,
ये इजहार है मेरा,,
हाँ मुझे तुमसे मोहब्बत है....
मोहब्बत है,,, मोहब्बत है....

सोमवार, 7 अक्टूबर 2013

Meri Maa मेरी माँ ....



ममतामई ....
शीतल छाँव है माँ
मेरी प्यारी माँ .....

जीवनदायी .....
पूर्णता का आभास
सुख सागर .....

थामे हाँथ माँ .....
जीवन की डोर माँ
करुणामयी .....

मिलता चैन  ....
आँचल तले माँ के
ढ़ेरों आशीष ......

दे ज्ञान मुझे .....
फूलों सा महकाती
सूर्य बनाती .....

सखी भी है तू ......
रास्ता भी बनती तू
मेरी खुशी माँ.....

हौसला है तू.....
पूजनीय है तू माँ
मेरी प्यारी माँ.....

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सोमवार, 30 सितंबर 2013

Khyalo ke Badal खयालों के बादल





खयालों के बादल
उमड़ - घुमड़ नाचते है मेरे आसपास
वो खयालों के बादल ........
बरसने से पहले जैसे बदलते है रंग बादल
आकाश में विचरते है यहाँ से वहाँ .......
फिर एक रंग और तेज रिमझिम फुहार
ऐसे ही है मेरे खयालों के बादल भी ........
विचरते है सोच की आकाश गंगा में
और जब भर आता है उनका मन .........
फिर बरस पड़ते है मेरे खयालों के बादल भी
कोरे कागज पर..........
भिगो देते है मेरे मन को अपनी भावना से ,,,,,,
इस भीगे मन से मै भी सींचने लगती हूँ
एक नई सृजन की फसल...



रविवार, 15 सितंबर 2013

Adhure Chaand ki puri Raat अधूरे चाँद की पूरी रात ...




करवट - करवट बदलती
 ..... सिलवट - सिलवट चादरों की .....
चुप सी बात , ढ़ेर सारे जज्बात
.......दो अजनबी एक रात .....
.......मुस्कानों की बरसात.....
कभी दाएँ से- कभी बाएँ से
भीनी खुशबू, मोगरे की वास
......अँधेरी रात ......
 ....माथे का अधुरा चमकता चाँद .....
नींद को तोड़ती 
......कंगन की खनखनाहट .....
पर खामोश जुबान
.....मुस्कुराहट बार - बार कई बार ....
अब ख़त्म हो गई
अधूरे चाँद की पूरी रात
.......लो भोर जो हो गई .....
सुन्दर बीती रात
अनछुए पहलू से
पूर्ण निष्ठा और विश्वास 
दो सूत्र मिले 
......महकाने को घर - संसार .....
उस अधूरे चाँद की पूरी रात में......
इस सूत्र के साथ हो गई नई शुरुवात 
 ......नए रिश्तों के सुन्दर सफ़र की.....



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