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रविवार, 16 फ़रवरी 2014

Mook Awaaz मूक आवाज




अपनें इशारों से हवा में
कितने ही तस्वीर उकेरती ......
अपने हाथों से अदृश्य 

कल्पना को दृश्य देती .....
अपनी आँखों से ना जाने 
कितने ही भाव उकेरती ......
अ आ अं अः स्वर से
अपनी बातों को कहती .....
सिमित शब्दों में वो 
अपनी सारी बातें कह जाती .....
अभिव्यक्ति के एक माध्यम से 
वंचित होने के साथ ही ,,,,,
उसने नए आयाम दिए है
अपनी भावनाओं को कहने को ......
वो मूक आवाज थोड़ा - थोड़ा बोलती थी 
हमेशा से अपने इशारों में ,,,
अपनें हाथों से
अपनी आँखों से
अपने सिमित स्वरों से
पर आज वो बहुत खुश है
क्यूंकि उसने बोलना सीख लिया है
अपनी कलम से....





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30 टिप्‍पणियां:

  1. पर आज वो बहुत खुश है
    क्यूंकि उसने बोलना सीख लिया है
    अपनी कलम से... बहुत सुन्दर रचना ,, बधाई ..

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  2. अव्यक्त भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति...सहज मानवीय भावनाओं को शब्दों में ढाल कर, उन्हें अभिव्यक्त कर बहुत सुकून मिलता है...

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  3. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन दादासाहब की ७० वीं पुण्यतिथि - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    जवाब देंहटाएं
  4. वाह .. क्या भाव दिए हैं रचना में ... लाजवाब कलम जब बोलेगी तो सब कुछ कह देंगी ...

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  5. कलम साथ है तो फिर सब साथ है .... सुन्दर रचना

    जवाब देंहटाएं
  6. मौन मुखरित हुआ भले ही कलम से । सुन्दर रचना

    जवाब देंहटाएं
  7. मौन मुखरित हुआ भले ही कलम से । सुन्दर रचना

    जवाब देंहटाएं
  8. सशक्त भाव लिए बेहतरीन रचना ! जिसने अभिव्यक्ति के लिए लेखनी को चुन लिया उसे आवाज़ की ज़रूरत ही कहाँ रह जाती है !

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (17-02-2014) को "पथिक गलत न था " (चर्चा मंच 1526) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  10. बहुत अच्छी अभिव्यक्ति ....!! आज वो बहुत खुश है क्यूंकि उसने बोलना सीख लिया अपनी कलम ....

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  11. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति .....!!ऐसे ही लिखती रहो शुभकामनायें ...!!

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  12. कलम जब बोलती है तो कई राज खोलती है - प्रशंसनीय

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  13. बहुत ही सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति।

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  14. स्वर मौन होते हैं तो कलम बोल उठती है..बहुत सुन्दर रचना .

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  15. सशक्‍त भावों के साथ उत्‍कृष्‍ट प्रस्‍तुति

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  16. समय के साथ संवाद करती आपकी यह प्रस्तुित काफी सराहनीय है। मेरे नए पोस्ट DREAMS ALSO HAVE LIFE पर आपके सुझावों की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी।

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  17. कलम बोल उठती है...बहुत अच्छी अभिव्यक्ति

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