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शुक्रवार, 17 अगस्त 2012

Mera Pyara Khwab *** मेरा प्यारा ख्वाब ***



सुनों ना
कुछ कहना है तुमसे
तुम क्यूँ इतना
दूर हो मुझसे
पता है कल रात
एक ख्वाब देखा मैंने..
जिसमे तुम हो ,,मै हूँ
और वो सुनहरी रंगबिरंगी संध्या
आकाश कुछ नारंगी , कुछ नीला
थोड़ा सा काला और कहीं - कहीं
पीला रंग लिए ,,,
मद्धिम रोशनी बिखेर रहा था..
और हम समुंद्र के कीनारे बैठे
आसमान की ओर ताकते
उन बदलते रंगों की गीनती कर रहे थे
जब भी गीनती में चुक होती
एक - दूजे को देख जोर - जोर से हँसते
कितना सुकूनभरा वो पल था
कितनी इक्छाएँ दबी थी मन में
कितनी शिकायते भी थी...
कभी तुम कहते कुछ..
कभी मै बताती कुछ...
हाय |||||
कितना खुबसूरत और
प्यारभरा वो पल था
सुनों ना ,,,
चलो अब जल्दी से
लौट आओ
इस ख्वाब को पूरा कर दो
कुछ पल अपने साथ
वो सुकूनभरे पल दे दो......




मंगलवार, 14 अगस्त 2012

Naman Hai Un Veer Jawano Ko *** नमन है उन वीर जवानों को ***


नमन है उन वीर जवानों को 
जो देश की खातिर कुर्बान हुए 
देश पर मर मिटनेवाले
वे वीर देश की शान हुए

खोया जब माँ ने लाल को अपने
खोया जब सुहागन ने सुहाग को अपने
कई बच्चों ने अपने पिता को खोया
तब जाकर ये दिन आया है

उनकी कुर्बानी से हमारी आजादी है
इस आजादी को ना यूँ बर्बाद करे
भारत माँ की रक्षा कर 
उन वीरों की शहादत को
उनकी कुर्बानी को साकार करे

रहे तिरंगा ऊँचा सदा
निरंतर गतिमान भारत देश रहे
उन्नति , प्रगति, शिक्षा , सम्मान 
सभी भारतीय को मिले

ना हो ऊँच - नीच का भेदभाव 
ना जात  - पात पर हम लड़े
सभी परमात्मा के बंदे है
पहले इंसानियत की बात करे.. 

गर्वित करे भारत माँ को
उज्जवल उनका दामन करे
चहू ओर सुख समृद्धि फैलाये...
आशाओं के नए दीप जलाये..

शहीदों ने आजाद भारत देश 
किया है हमारे हवाले..
इसको अपना घर बनाए
ना कोई कुकर्म हो यहाँ
ना कोई कुकर्मी जन्मे

रहे कोशिश सदा यही की,,
तिरंगा खड़ा रहे शान से
और सबसे ऊँचा लहराए..

नमन है उन वीर जवानों को 
जो देश की खातिर कुर्बान हुए
देश पर मर मिटनेवाले
वे वीर देश की शान हुए

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 

गुरुवार, 9 अगस्त 2012

Jay Shri Krishna ૐૐૐ जय श्री कृष्णा ૐૐૐ




कृष्ण कन्हैया ,
बंसी बजैया ,
रास रचैया ,
कान्हा रे ||||||||

प्रभु दर्शन को व्याकुल मनवा
दया सागर तू दर्शन दे 
मै पूजा हूँ तेरी भगवन 
निज करती मै तुझपर अर्पण 
प्रेम भरा मेरा ये मन........

तुझसे भोर है
तुझसे संध्या 
तुझसे मेरा संसार है भगवन .....

मै निज गाऊं गीत तेरे 
चरणों पर अर्पण प्रीत करूं
तेरे नाम की माला प्रभुवर 
कंठ - कंठ मै पाठ करूं .....

मन मोरा झूले ,, सब कुछ भूले
विचरे आकाशगंगा में 
खोजे तुझको ऐ कुंज बिहारी 
करुणा निधान तू दर्शन दे .......

कृष्ण कन्हैया ,
बंसी बजैया ,
रास रचैया ,
कान्हा रे ||||||


प्रभु दर्शन को व्याकुल मनवा
दया सागर तू दर्शन दे ....


ૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐ

जय श्री कृष्णा

ૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐૐ

फिर एक नई कोशिश है भक्ति रस में कविता लिखने की,,,
कैसी लगी आपको जरुर बताइए...
:-)

शनिवार, 4 अगस्त 2012

Dosti Friendship दोस्ती




सुख - दुःख में जो साथ दे
परायों में अपनों का अहसास दे
जिससे जुड़ा ना हो कोई
मज़बूरी का रिश्ता
जिसे दिल ने माना है
अपना ही हिस्सा
वो प्यारा सा अहसास है दोस्ती...


उसके आने से चहरे पर
मुस्कान खिले
उसके जाने पर दिल
फिर उसकी याद करे..
शरारत और मस्ती है
उसकी अदाओं  में
पर बोले तो यूँ लगे जैसे
मिश्री घुली हो उसकी बातों में
जिसका हर अंदाज है निराला 
वो प्यारा सा नाम है दोस्त


जिंदगी के हर उतार - चढाव
में जो एक सा रहे 
ख़ुशी में साथ दे 
गम मे हाथ थाम ले...
रूठने का मनाने का...
फ़साना है ये प्यार जताने का..
वो अफसाना है दोस्ती...



सबसे अजीज है..
दिल के करीब है वो
रात - रात भर जिसकी 
बाते ना हो ख़त्म
सुबह हुयी नहीं की 
फिर करे बक - बक..
वो प्यारा सा सिलसिला है दोस्ती...


फूलों की तरह जीवन में
मेरे खिलता है जो 
हवा की तरह आस -पास
महकता है जो
रोशनी की तरह 
हरपल चमकता है जो..
वो खुबसूरत बहार है दोस्ती...:-)


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