फ़ॉलोअर

मंगलवार, 13 अगस्त 2019

प्रगतिपथ अपनाओ तुम



एक माँ के दो बेटे 
आपस में बैर रखते है 
धर्म की चादर ओढ़ के 
एक-दूजे से लड़ते - झगड़ते है 
प्रेम की भाषा को समझो तुम 
हिंसा से कुछ न पाओगे 
जाति-धर्म के नाम पर 
क्या लाशे ही बिछाओगे 
मर गए देखो कितने भाई 
अब कितना लहू बहाओगे 
रोती है माँ बिलख -बिलखकर 
अब कितने चिराग बुझाओगे 
सुनो ऐ भाई , सुनो ऐ बंधू 
यह देश हमारी शान है 
जिसको तुम हानि पहुँचाते
वो मिट्टी बड़ी महान है 
इस मिट्टी की लाज रखो तुम 
क्यों आपस में लड़ते हो 
होगा कुछ ना हासिल तुमको 
बात नहीं तुम समझते हो 
वर्तमान की माँग को समझो 
प्रगतिपथ अपनाओ तुम 
जीवन देखो सुखमय होगा
बस दिल से दिल को मिलाओ तुम 

रीना मौर्य मुस्कान

मंगलवार, 23 जुलाई 2019

chhata - छाता - बालकविता

     छाता☔️☔️☔️⛈️⛈️


मुझको प्यारा मेरा छाता
ये बारिश से मुझे बचाता

नहीं कभी मै इसको भूलूँ
संग इसको लेकर मै घूमूँ

जब भी आती बरखा रानी
खूब बरसाती हमपर पानी

छाता हमें बचाता है
घर हमको पहुँचाता है

शनिवार, 6 अप्रैल 2019

chhoti -chhoti baten छोटी छोटी बातें



आजकल बहुत कमियाँ 
निकालने लगे हो तुम
सीधे -सीधे कह दो ना की
अब तुम्हें हमारी जरुरत नहीं 
*************************************
गम बहुत है जहाँ में 
पर आँसूओं से हासिल क्या 
जिंदगी को जीने के लिए 
मुस्कान की जरुरत है 
**************************************
नशा सिर्फ जाम से ही नहीं होता 
" घमंड " और " अहंकार " भी 
बहुत नशीले होते हैं 
***************************************

कुछ होने के लिए 
वजह की जरुरत नहीं होती
कभी बेवजह भी
बहुत कुछ हो जाता है 
जिससे आवाज आई 
सिर्फ वही नहीं टुटा है 
बिना आवाज किये भी 
बहुत कुछ टूट जाता है
**************************************
तुम दुआ बनकर 
मेरी जिंदगी में आना
और मै मुस्कान बनकर 
तुम्हारे होंठो पर बस जाऊँ
*****************************************
बातों की मार 
घमंड 
शक 
और जलन 
कर देते है 
रिश्तों का
 दहन
*********************************
अकेले में तो 
दुश्मन भी 
हाँ में हाँ 
मिलाते हैं 
तुम अगर 
दोस्त हो तो 
महफ़िल में आओ 
*******************************
हाल-ए- मिजाज कुछ 
बदला -बदला सा है उनका 
जुबान कुछ और कह रही है 
मुस्कान कुछ और 
*********************************
ठोकर लगी है शीशे को 
इसलिए तो टुटा है
और लगी है बड़ी जोर से 
इसलिए तो इतना बिखरा है 
*****************************


रविवार, 31 मार्च 2019

jogan जोगन



जोगन का है रूप धरा 
जोगन तेरी कहलाऊँगी
और नहीं कुछ चाह है प्रियतम
भजन तेरे ही गाऊँगी
मन के मंदिर में मै अपने 
मूरत तेरी सजाऊँगी
मै तेरी दीवानी साँवरे
तुझे नैनन में बसाऊँगी
तुम मेरे भगवन हो कान्हा 
मै हूँ तेरी जोगनियाँ
दर्शन दे दो हे प्रभुवर 
मै तृप्त मन हो जाऊँगी
दर्शन को तेरे नैना तरसे 
तरस- तरस के नैना बरसे
मन भी अब विचलित है डर से
और अधिक ना करो विलंब
मै मीरा दीवानी तेरी
जोड़ी तुझसे प्रीत की डोरी 
अब और नहीं कुछ चाह है मेरी 
मिल जाये जो तेरा दर्शन 
8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8-8
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...