( अपने मन की बाते प्रस्तुत करते हुए )
एक दिन अकेले में मुलाक़ात किजीयें
हमारे - तुम्हारे मन की थोड़ी बात कीजिये
सुखी पड़ी है दिल की जमीं मुद्दतो से
यार बनकर घटाए प्यार की
बरसात कीजिये
हिले ना लब कह डाले बाते सारी
आँखों में आँखे डालकर हर बात कीजिये
( प्रस्तुत बातों का जवाब देते हुए )
हसरत हमारी भी कुछ ऐसी है
ऐतबार कीजिये
दो पल की जिंदगी है बस प्यार कीजिये
खामोश निगाहों से इकरार कीजिये
हसरत - ए - मोहब्बत को बेकरार कीजिये
