फ़ॉलोअर

गुरुवार, 25 अगस्त 2011

Chidiya चिड़िया





नव नीले आकाश तले
ये चिड़िया चहचहाती है 
पंख पसारे उड़े  - उड़े ये
पर्वतो को भी झुकाती है
चेहरे पर मुस्कान है इसके 
सुरों में है साज छिड़ा
ना गिरना - ना झुकना ये जाने 
ये जाने बस उड़ना 



क्योंकि उड़ाते है ये हौसलों की उडान
मन में लिए विस्वास को ठान
इतने ऊँचे विशाल आकाश तले
उड़ते है ये पंख पसारे 
और पास आती मंजिल को 
चमकती आँखों से निहारे 




चिड़िया देती सबक हमें 
हम भी कर सकते है कुछ ऐसा 
दुनिया बड़ी है तो क्या हुआ 
होनी चाहिए मन में मंजिल पाने की इक्क्षा 



विस्वास का थामो दामन 
मन में कल्पना को लिए उड़ो
तुम अपनी उड़ान
कोई तुम्हे रोक नहीं सकता 
अगर है तुममे  कोशिश करने की लगन और ईमान......

सोमवार, 22 अगस्त 2011

Kash | Mai aisy hoti काश ! मै ऐसी होती

काश, मै एक सुन्दर पुष्प होती,,,,
जो तुम्हारी सांसो को महकाकर -तुम्हारी आत्मा को महकाती..
काश, मै एक सुन्दर गीत होती,,,,
जो तुम्हारे लफ्जो पर गुनगुनाती - और तुम्हारे मंजिल की हमसफ़र बन जाती ..
काश, मै एक हवा होती,,,,
जो इस तपती धुप में - तुम्हे शीतलता प्रदान करती, गरम हवा के झोको से लड़ती 
काश, मै एक जल होती,,,,
जो तुम्हारी प्यास बुझाती तुम्हारी तृष्णा मिटाती...
पर मै क्या हु,,, 
 एक परझाई जो आधे वक़्त भी तुम्हारा साथ नहीं निभा पाती,
पर मै कर भी क्या सकती हू
काश! मै ऐसी होती
काश!

-->

Aankhe आँखे














मन की आँखों से तुम्हे देखती हु,
तस्वीर की जरुरत नहीं,
तस्वीर तो हमेशा एक ही रूप में सिमट जाएगी,
पर मन की आँखे हर वक़्त तुम्हारी नयी तस्वीर
बनाएगी .



काश वादों का मतलब वो समझ पाते,
नजरे कहती है हजार बाते,
काश ! एक नजर को हमारी वो समझ पाते...



बुधवार, 3 अगस्त 2011

Kyonki mai shayad tumse mili क्योंकि ,,,, शायद मै तुमसे मिली







पहली  बार मुझमे खुशियो का आगाज हुआ 
पहली बार मुझे मेरे रूप का आभास  हुआ 
पहली बार मन मोहिनी हवा चली
क्योंकि ,,,, शायद मै तुमसे मिली.

पहली बार तेरे मेरे नैनो का मेल 
पहली बार मै उंगलियों से खेल रही हु खेल 
शरमाई आँखे मेरी झुक गयी 
क्योंकि ,,,,,, शायद मै तुमसे मिली 

पहली बार हुआ प्यार का अहसास 
पहली बार हुआ दिल बेक़रार 
हर वक़्त मिलने की तमन्ना जगी 
क्योंकि ,,,,,, शायद मै तुमसे मिली 

पहली बार मै तुमसे मिलने आई 
वो सुकून भरी ख़ुशी तूम्हारी आँखों में झाई 
पहली बार हुई  शब्दों में बातो की शुरुवात 
पहली बार जगे दिल में नए अहसास 
पहली बार मै फूल की तरह खिली 
क्योंकि ,,,,,,,शायद मै तुमसे मिली 


पहली बार दिल ने कुछ सपने बुने
पहली बार उपहार देने के लिए मैंने कुछ फूल चुने
पहली बार मन गुदगुदाया 
और हुई ख़ुशी से मै बावरी 
क्योंकि ,,,,,,,,,शायद मै तुमसे मिली...... 




-->
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...